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कस़म है धूप चढ़ने के समय की!
وَٱلضُّحَىٰ ١
സൂറത്ത് അദ്ദുഹാ (Ad-Duha), ഖുർആൻ അധ്യായം 93 — അറബി ആയത്തുകളും हिन्दी വിവർത്തനവും ഉൾപ്പെടെ 11 ആയത്തുകൾ വായിക്കുക. Read Surah Ad-Duha with Arabic text and हिन्दी translation.
कस़म है धूप चढ़ने के समय की!
और क़सम है रात की, जब वह छा जाए।
(ऐ नबी!) तेरे पालनहार ने तुझे न तो छोड़ा और न नाराज़ हुआ।
और निश्चित रूप से आख़िरत आपके लिए दुनिया से बेहतर है।
और निश्चय तेरा पालनहार तुझे प्रदान करेगा, तो तू प्रसन्न हो जाएगा।
क्या उसने आपको अनाथ पाकर शरण नहीं दी?
और आपको मार्ग से अनभिज्ञ पाया, तो सीधा मार्ग दिखाया।
और उसने आपको निर्धन पाया, तो संपन्न कर दिया।
अतः आप अनाथ पर कठोरता न दिखाएँ।[1]
और माँगने वाले को न झिड़कें।
और अपने रब के उपकार का वर्णन करते रहें।[2]