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क़सम है अंजीर की! तथा ज़ैतून की!
وَٱلتِّينِ وَٱلزَّيۡتُونِ ١
സൂറത്ത് അത്തീൻ (At-Tin), ഖുർആൻ അധ്യായം 95 — അറബി ആയത്തുകളും हिन्दी വിവർത്തനവും ഉൾപ്പെടെ 8 ആയത്തുകൾ വായിക്കുക. Read Surah At-Tin with Arabic text and हिन्दी translation.
क़सम है अंजीर की! तथा ज़ैतून की!
एवं "तूरे सीनीन" की क़सम!
और इस शान्ति वाले नगर की क़सम!
निःसंदेह हमने इनसान को सबसे अच्छी संरचना में पैदा किया है।
फिर हमने उसे सबसे नीची हालत की ओर लौटा दिया।
परंतु जो लोग ईमान लाए तथा उन्होंने सत्कर्म किए, उनके लिए समाप्त न होने वाला बदला है।
फिर (ऐ मनुष्य) तुझे कौन-सी चीज़ बदले (के दिन) को झुठलाने पर आमादा करती है?
क्या अल्लाह सब हाकिमों से बड़ा हाकिम नहीं है?